Thursday, 18 October 2012

घोटालों से किसकी यारी है... आज तेरी... तो कल मेरी बारी है..


भईया ये दीवार टूटती क्यूँ नहीं....अरे ये टूटेगी कैसे ये सिर्फ वाल नहीं केजरीवाल है ,जो टूटेगा नहीं बल्कि सबको धो धोकर तोडेगा ,ये वाल अब संसद में बैठे हुए लोगों के लिए चीन की दीवार साबित हो रही है,और आजकल चीन भी परेशान कर रहा है और ये चीन की दीवार भी। लगता है इसलिए चीनी के भाव, विपक्ष के भी बढ़ गए थे जब सरकार को बेभाव के पड़ रहे थे, पर अब उनका खुद का भूगोल बिगाड़ा हुआ किसी का गणित काम नहीं आ रहा है इतिहास खुद खुलकर सामने आ रहा है जिससे सबकी केमस्ट्री बिगड रही है अब किसका अर्थशात्र ठीक रहता है या समाजशात्र। ये तो हमको नही पता पर हमको हमारा नैतिकशात्र यही बताता है की किसी फटी पैंट देखकर हसना नही चाहिए क्योंकि कल आपकी भी फट सकती है पैंट,और चड्डी कितनी भी ब्रांडेड हो वो पैंट फटने के बाद इज्जत नहीं बचा सकती। 

जब से विपक्ष का जमीन गटक ने का खुलासा हुआ है तब से अन्य दल भी अपने पिछवाड़े हाथ लगाये घूम रहे हैं... क्योंकि घोटालों से किसकी यारी है आज तेरी तो कल मेरी बारी है....वैसे विपक्ष का जमीन गटकने का मामले  को इतना तूल देने की जरुरत नही है,क्योंकि मेरे ख्याल से गटकरी जी ने जमीन इसलिए गटकी होगी  क्योंकि बाबा रामदेव पिछले कई सालों से चिल्ला रहे हैं की बहार का काल धन इंडिया लाओ ,..अरे भाई जब कालाधन  इंडिया आएगा तो उसे रखने के लिए इंडिया में भी तो एक बैंक होना चाहिए और बैंक के लिए जमीन चाहिए,तो इसमें क्या बुराई, अब उस बैंक बनाये या कब्रिस्तान ,जो जिंदगी के साथ भी और जिंदगी के बाद भी...,मेरा काम है पंगा लेना लेता रहूँगा और ये पंगेबाज यही कहेगा।. 


कबीरा तेरे संसार में भांति भांति के चोर.

.कुछ तो खाके चुपचाप हैं 

कुछ मचाते हैं शोर...



अनिरुद्ध मदेशिया

3 comments:

  1. ye baat bhaiya............. de diyo ghuma ke

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  2. Wahhhh..Bhaiyaaa......masttt..sahi kha aapne...

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  3. waaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh kya sixer mara hai,,,,,,,,,,aapko badhayee || mere kavi prani bhai ||

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