Friday, 19 October 2012

ये एक्पीरियंस का मामला है। .



 यू तो प्रेमी पछत्तर हमारे...ले जा तू कर ससात्तर इशारे ...दिल मेरा मुफ्त का..लेकिन सावधान इस मुफ्त के पीछे कंडीशन अप्लाई है  शादीशुदा होना बहुत जरुरी है क्योंकि एक्सपीरियंस भी कोई चीज होती है भाई. इसीलिए तो कहते हैं....“जब दिल आया गधी पे तो परी क्या चीज है ” .किसी ने सच ही कहा है लव इज ब्लाइंड. जिस हिरोइन के लिए हिरोइन मूवी बर्दास्त की, दो सौ का पॉपकोन, पांच सौ का पेट्रोल फूंका और वो जलाकर कम खलाकर  ज्यादा चली गई. वैसे पता तो हम सबको था पर इस बात को डाइजेस्ट नही कर पा रहे थे. पर अब तो हाजमा ही खराब हो गया क्योंकि कुछ टाइम पहले स्कर्ट सनसनी सानिया मिर्जा ने भी ऐसा ही किया था. सानिया ने नेट प्रैक्टिस इंडिया में की और फ़ाइनल परफार्मेंस पाकिस्तान में जाकर दी. हम तो उसकी फोटो बाथरूम में चिपकाते रहे गये और कोई मैरिज फोटो फ्रेम करवा कर बेडरूम में रखे है. ह्यूमन बींग नेचर ही कुछ ऐसा है, खुद को चीज न मिले तो बुरा लगता है पर चीज किसी गलत आदमी को मिल जाए तो ज्यादा बुरा लगता है. एक तो यंग ब्लड में आपस में कट थ्रोट कम्पटीशन है उपर से अंकल लोग भी इस रेस में आ गए. अब तो किसी को बुड्डा या बच्चा समझना बेवकूफी होगी पता नहीं कब कौन बाबा बेबो टाईप लड़की को बेबी–बेबी बोलकर कब बीबी बना लेता है कुछ कहा नही जा सकता. लेकिन इससे एक बात सिद्ध होती है की किस्मत कभी भी खुल सकती है और किस्मत खुलती है तो आदमी करोड़पति बनता है या पति... इसलिए जागो यूथ जागो... अब आप जाग रहे हैं और मै भाग रहा हूँ क्योंकि मेरा काम है पंगा लेना और वो मै लेता रहूँगा और यही कहूँगा... अब पछताए होत है का जब चिड़िया उड़ गई फुर्र .....
                                अनिरुद्ध मदेशिया

Thursday, 18 October 2012

घोटालों से किसकी यारी है... आज तेरी... तो कल मेरी बारी है..


भईया ये दीवार टूटती क्यूँ नहीं....अरे ये टूटेगी कैसे ये सिर्फ वाल नहीं केजरीवाल है ,जो टूटेगा नहीं बल्कि सबको धो धोकर तोडेगा ,ये वाल अब संसद में बैठे हुए लोगों के लिए चीन की दीवार साबित हो रही है,और आजकल चीन भी परेशान कर रहा है और ये चीन की दीवार भी। लगता है इसलिए चीनी के भाव, विपक्ष के भी बढ़ गए थे जब सरकार को बेभाव के पड़ रहे थे, पर अब उनका खुद का भूगोल बिगाड़ा हुआ किसी का गणित काम नहीं आ रहा है इतिहास खुद खुलकर सामने आ रहा है जिससे सबकी केमस्ट्री बिगड रही है अब किसका अर्थशात्र ठीक रहता है या समाजशात्र। ये तो हमको नही पता पर हमको हमारा नैतिकशात्र यही बताता है की किसी फटी पैंट देखकर हसना नही चाहिए क्योंकि कल आपकी भी फट सकती है पैंट,और चड्डी कितनी भी ब्रांडेड हो वो पैंट फटने के बाद इज्जत नहीं बचा सकती। 

जब से विपक्ष का जमीन गटक ने का खुलासा हुआ है तब से अन्य दल भी अपने पिछवाड़े हाथ लगाये घूम रहे हैं... क्योंकि घोटालों से किसकी यारी है आज तेरी तो कल मेरी बारी है....वैसे विपक्ष का जमीन गटकने का मामले  को इतना तूल देने की जरुरत नही है,क्योंकि मेरे ख्याल से गटकरी जी ने जमीन इसलिए गटकी होगी  क्योंकि बाबा रामदेव पिछले कई सालों से चिल्ला रहे हैं की बहार का काल धन इंडिया लाओ ,..अरे भाई जब कालाधन  इंडिया आएगा तो उसे रखने के लिए इंडिया में भी तो एक बैंक होना चाहिए और बैंक के लिए जमीन चाहिए,तो इसमें क्या बुराई, अब उस बैंक बनाये या कब्रिस्तान ,जो जिंदगी के साथ भी और जिंदगी के बाद भी...,मेरा काम है पंगा लेना लेता रहूँगा और ये पंगेबाज यही कहेगा।. 


कबीरा तेरे संसार में भांति भांति के चोर.

.कुछ तो खाके चुपचाप हैं 

कुछ मचाते हैं शोर...



अनिरुद्ध मदेशिया

Tuesday, 16 October 2012

हरियाणा में 4 प्लेट चाउमीन के साथ 4 लड़के पकडे गए.

हरियाणा में 4 प्लेट चाउमीन के साथ 4 लड़के पकडे गए

हिन्दुस्तान में न जाने कितने तालिबान हैं.. हमारे यहाँ नौकरों से ज्यादा तो मालिक हैं.. यहाँ धर्मों के मालिक हैं. अधर्मों के मालिक हैं. गुंडों के मालिक हैं. हैं नेताओं के मालिक हैं. दबंगों के मालिक हैं. अपंगों के मालिक हैं. और इन सबका तो भगवान् ही मालिक है. वैसे भगवान् भी धरती पर इन लोगों के फुल कंट्रोल में रहते हैं. जैसा अरमान इनके दिल में आया वैसा फरमान इन्होने सुनाया. अब आप मानो या मानो.. उसे सुन कर हंसो.. या फिर मान कर उसमें फंसो ... ये तो आपकी मर्जी है. यहाँ फेसबुक में और इंटरनेट में बैठकर उनके खिलाफ लिखना और उसपर रिएक्ट करना आसान है. पर उनका क्या होगा. जो वहां रह रहे हैं.. बेचारे कल से चाऊमीन नहीं खा पाएंगे. 
खाप के माई-बापों ने छुरी कांटे से चाऊमीन खाते खाते हार मान ली होगी. बड़े बड़े नेता  जिनके सामने वोटों के लिए सर झुकाते हों वो चाऊमीन के लिए अपना सर झुका और नाक कटायें तो कैसे. छोटे छोटे लड़के उनके  सामने चम्मच से ही चाऊमीन को सफाचट कर जाते हैं. वो बेचारे देखते रह जाते हैं.. तब उनको बचपन की बात याद आती है. " न खेलेंगे ... न खेलने देंगे." और फिर बुलाई जाती है सम्मान के लिए एक बैठक. फैसला लिया जाता है की चाऊमीन का बहिस्कार होना चाहिए. बिना कारन बहिस्कार तो बनता नहीं.. जो मामला गरम  हो उससे जुड़े आरोप लगा देते  हैं उसपर. 
मुझे तो लगा था की जमीन घोटाले या फिर अपंगों या फिर कोयले से जुड़े घोटाले का आरोप जड़ कर चाऊमीन का बहिस्कार करेंगे.. खैर उन्होंने चाऊमीन पर जो आरोप जड़ा है वो तो चाऊमीन को सौस दिखाने लायक नहीं छोड़ा. 
मेरे हिसाब से खापों की सीमा सीमित है मगर जुर्रत असीमित.  खापों के बापों की भी हिम्मत नहीं की उनका कुछ बिगाड़ सकें. 

हिन्दुस्तान में तालिबान

यहाँ धर्म शोर मचाता है 

सम्प्रदाय चिल्लाता है 

जातियां बोलती हैं 


लोग सुनते हैं 


यहाँ ये सब जिंदा हैं 


 और शायद कुछ दम तोड़ते इंसान है 


                     मेरे हिन्दुस्तान में कई तालिबान हैं


Tuesday, 18 October 2011

रियलिटी की दूकान

करोडो में एक आवाज़ जो बनेगी देश की आवाज़.. इस स्लोगन के तमाम होर्डिंग आज आपको तमाम जगह देखने को मिल जायेंगे... ये दावा है रिअलिटी शो इंडियन आइडल 6 का जो पहले करोड़ो में एक आवाज़ चुनते हैं पैर बाद में वो आवाज़ करोडो में होकर रह जाती है. इस तरह के कई रिअलिटी शो इन जुमलों से अपनी दुकान चला रहे हैं. प्रतियोगिता के विनर सिर्फ नाम बनकर रह जाते हैं और बाकि सब अपनी ही आवाज़ को तलाशते भ्रम के अँधेरे में खो जाते हैं.. क्योकि जो पहले से ही स्थापित नाम हैं उन्हें ही आज के इस प्रतियोगी दौर में कम नहीं मिल पा रहा है. अभी पिछले दिनों सोनू निगम का बयान आया की अगर मुझसे नहीं गवाया गया तो हालीवुड की रह पकड़ लेंगे. पकड़ना है तो पकड़ लो यहाँ किसे पड़ी है. अरे आजकल तो हमारी फिल्मों के नायक वाकई नायक होते जा रहे हैं. डांसिंग, कॉमेडी और तो और सिंगिंग भी करते नज़र आ रहे हैं. तो अब बेचारे सिंगर्स कहा जायेंगे. और सबसे मज़े की बात इन रिअलिटी शोस के जज भी वही हैं जिन्हें इंडस्ट्री में काम नहीं मिल रहा है. और वो शो के प्रतियोगियों को काम दिलाने का वादा कर देते हैं. इनको काम मिले या न मिले इनके पास काम हो या न हो पर हमारे पास तो काम है पंगे करना और वो हम करेंगे.........जय हो  ..पंगेबाजी की ..........!!!
                        अनिरुद्ध मदेशिया...